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शिक्षा में नाट्य कला

सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केन्द्र ने मूक एवं बधिर-अक्षम छात्रों के साथ कार्यरत शिक्षकों के लिए नाट्यशाला चेरिटी ट्रस्ट मुम्बई के सहयोग से ‘शिक्षा में नाट्य कला’ विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया । कार्यशाला का उद्देश्य इस प्रकार के बच्चों में नाट्कों के माध्य म से सीखने की रणनीति पैदा की जा सके । इस कार्यशाला में शिक्षकों से यह आग्रह किया गया कि वे बच्चों को इस प्रकार के नाट्कों में प्रतिभागी बनाकर उन्हें पाठयक्रम के क्षेत्रों, सामाजिक सरोकारों, जीवन के उद्देश्यों को समझाएं ।

कार्यशाला बच्चों के नीजि विकास, सामाजिक शिक्षा, संवेदना तथा श्रव्यं कौशल, भाषा कौशल, वाक सोचने, पढ़ने तथा लिखने में सहायता प्रदान कर सकती है ।

कार्यशाला के उद्देश्यप

  • कक्षा की पढा़ई में कुछ नाट्य सामग्री को समाहित करना ।.
  • कक्षा की पढ़ाई को सफल बनाने के लिए विशेष रूप से योग्या स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए सरल गतिविधियां विकसित करना ।
  • सामान्य स्कूएलों में शामिल किए जाने वाले विशेष स्कू‍लों की सहायता करना ।

कार्यशाला में बच्चों के लिए रंगमंच पर व्याख्यान प्रदर्शन, रचनात्ममक नाट्यकलाएं, लयबद्ध क्रियाएं, नाट्य-खेल, स्व्रबद्ध वाक, मुद्राभिनय, कहानी-कसन कला, शैक्षिक नाट्य, वेषभूषा तथा सहायक सामग्री आदि शामिल किए जाते हैं । मुकाभिनय, नाट्य-खेल, चरित्र-चित्रण, मुखौटा निर्माण तथा रंगमंच आदि पर भी सत्र आयोजित किए जाते हैं ।


आवाज मॉड्यूलेशन और अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना

शिक्षण के लिए प्रभावी संचार कौशल की सुविधा

आंदोलन और माइम पर व्यावहारिक कक्षाएं





अवधि

प्रतिभागिता का स्‍तर

स्‍थान

9 दिवस

सेवारत स्थानीय विकलांग बच्चों के शिक्षक/शिक्षिकाओं के लिए

भारत में कहीं भी

योजनाओं